शैक्षणिक भ्रमण व यात्रायें

विद्यालय शिक्षा के साथ–साथ हम छात्राओं को शैक्षणिक यात्राएं भी कराते हैं, जिससे उनमें सहयोग, सहानुभूति, सहकारिता, सदभावना, सहनशीलता, प्रेम, अवलोकन, निरीक्षण, कल्पनाशीलता, अन्वेषण सौन्दर्यानुभूति तथा दूरदर्शिता जैसे गुणों का विकास हो सकें।

छात्राओं को कक्षा के अनुसार विभिन्न लघु क्षेत्र पर्यटन के लिए भी ले जाया जाता हैं जैसे- साँची दूध डेरी, प्रिंटिंग प्रेस, मार्बल खदान, हवाई अड्डा, संग्रहालय, विज्ञान भवन, विधान सभा, इस्पात संयंत्र, राष्ट्रीयउद्यान, आकाशवाणी केन्द्र आदि।

प्रतिभास्थली प्रतिवर्ष कक्षा 9वीं की छात्राओं को उत्तर भारत, दक्षिण भारत, राजस्थान जैसे दीर्घ भ्रमण पर ले जाती हैं जो की 10 से 15 दिनों का होता हैं।

खैरागढ़ 2026

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में प्रतिभास्थली की कक्षा 9वीं और 10वीं की छात्राओं मार्च 2026 में एक शैक्षणिक भ्रमण (Educational Visit) किया। इस दौरान छात्राओं ने विश्वविद्यालय के समृद्ध शैक्षणिक वातावरण, कला एवं संगीत की विभिन्न विधाओं तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को करीब से देखा और समझा।

भ्रमण के दौरान छात्राओं ने संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं ललित कला (Fine Arts) से जुड़े विभागों का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ शिक्षकों ने छात्राओं को कला के विभिन्न आयामों, उनके महत्व और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

इस अवसर पर छात्राओं ने सीखा कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्म-अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है। साथ ही, उन्होंने अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के महत्व को भी समझा।

हेमलकसा 2020

ग्यारहवीं कक्षा की छात्राओं ने फरवरी, 2020 में हेमलकसा जैसे अद्भुत स्थान का भ्रमण किया। जहाँ छात्राएं पद्मश्री और मैगसेसे पुरस्कृत समाजसेवी डॉ. प्रकाश आमटे जी से मिली। समाज से परित्यक्त लोगों और कुष्ठ रोगियों के लिये उन्होंने अनेक आश्रमों चन्द्रपुर, महाराष्ट्र स्थित आनंदवन आदि की स्थापना की। इसके अतिरिक्त बाबा आमटे ने अनेक अन्य सामाजिक कार्यों, जिनमें वन्य जीवन संरक्षण तथा नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख हैं, के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया।

ऐसे व्यक्तित्व से भेंट सभी के लिए शिक्षा प्रद और देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना से भरने के लिए लाभकारी हुई। इसके बाद छात्राओं ने वर्धा के गांधी आश्रम का भ्रमण किया, जहाँ सादगी से जीवन जीने की कला सीखी। छात्राओं का कहना है हम भी अपने जीवन में इन भावनाओं से भर सकें ऐसी भावना भाते हैं।